🌺चालीसादुर्गा चालीसा▶ सुनें↗ शेयर करें🖨 प्रिंटनमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥\nनिरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥