🦚चालीसाश्री कृष्ण चालीसा▶ सुनें↗ शेयर करें🖨 प्रिंटबंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।\nअरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥